देहरादून. 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra 2026) की शुरुआत होगी. इस दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, वहीं 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. यात्रा के लिए अब तक 14 लाख श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं.
मुख्यमंत्री धामी भी यात्रा की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. गुरुवार को ही बैठक लेकर उन्होंने तैयारिओं की समीक्षा की. जिसमें उन्होंने अफसरों को चारधाम यात्रा को इस वर्ष हर दृष्टि से अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने को कहा. ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सकै. मुख्यमंत्री धामी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि यात्रा में हर पक्ष विशेषकर, हेली सेवाओं के संबंध में व्यावसायिक दृष्टिकोण की अपेक्षा मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है.
बता दें कि यात्रा को व्यवस्थित बनाने के लिए शासन स्तर पर सारी तैयारियां की जा रही है. बीते दिनों आवास विभाग के सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने जनपद चमोली के गौचर, कर्णप्रयाग और चमोली में निर्माणाधीन और प्रस्तावित पार्किंग परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि गौचर में पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. इस पार्किंग की क्षमता 27 वाहनों की है और इसका निर्माण उत्तराखण्ड पेयजल एवं निर्माण निगम द्वारा कराया गया है. आवास सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पार्किंग को जल्द से जल्द संचालन के लिए तैयार किया जाए ताकि स्थानीय लोगों और यात्रियों को इसका लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान ऐसे छोटे लेकिन महत्वपूर्ण पार्किंग स्थल यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.